Nov 04, 2025

‘फायर एंड फॉरगेट’ वाली है 'नाग' मिसाइल, हर मौसम में है दुश्मन के लिए 'काल'

Alok Rao

​तीसरी पीढ़ी की गाइडेड मिसाइल​

भारत की 'नाग' मिसाइल तीसरी पीढ़ी की स्वदेशी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल है। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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​2025 में पोखरण रेंज में 3 टेस्ट​

जनवरी 2025 में राजस्थान के पोखरण फील्ड रेंज में इस मिसाइल के तीन परीक्षण किए गए। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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​दोबारा इसे निर्देशित करने की जरूरत नहीं​

यानी इसे दागने के बाद दोबारा निर्देशित करने की आवश्यकता नहीं होती। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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​​‘फायर-एंड-फॉरगेट’ तकनीक पर आधारित ​

यह मिसाइल ‘फायर-एंड-फॉरगेट’ तकनीक पर आधारित है। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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​हर मौसम में काम करने में सक्षम​

नाग मिसाइल हर मौसम में काम करने में सक्षम है। यह दुश्मन के टैंक को सटीकता से नष्ट कर सकती है। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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​​​पहले लक्ष्य को लॉक करती है इन्फ्रारेड तकनीक ​

इसमें इन्फ्रारेड तकनीक है, जो लॉन्च से पहले लक्ष्य को लॉक करती है और तेजी से उसे नष्ट कर देती है। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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​मारक क्षमता 4 किलोमीटर तक​

इसकी मारक क्षमता 4 किलोमीटर तक है। यह मिसाइल दुश्मन के टैंक और अन्य सैन्य वाहनों को सेकंडों में नष्ट कर सकती है। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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​300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित​

नाग मिसाइल को डीआरडीओ ने 300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया है। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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​​पहला सफल परीक्षण 1990 में हुआ​

इसका पहला सफल परीक्षण 1990 में किया गया था। जुलाई 2019 में पोखरण फायरिंग रेंज में इसका परीक्षण किया गया था। (तस्वीर-Istock, प्रतीकात्मक)

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