Dec 01, 2025
हिस्ट्री एक्स्ट्रा के अनुसार, मेडागास्कर की रानी रानावलोना ने 1828-61 तक शासन किया था। वह इस अफ्रीकी देश की ऐसे समय में रानी बनी, जब यूरोपीय लोग दुनिया भर में अपने औपनिवेशिक साम्राज्य फैला रहे थे। रानी रानावलोना मेडागास्कर को ब्रिटिश और फ्रांसीसी नियंत्रण से मुक्त रखने में सक्षम हुई।
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उन्होंने अपना शासन स्थापित करने के लिए मेडागास्कर की आधी जनसंख्या को मार डाला। इसी से उनकी निर्दयता और क्रूरता का अनुमान लगाया जा सकता है। उनके शासनकाल के दौरान जमकर कत्लेआम हुआ। इतना ही नहीं, उन्होंने ईसाइयों का अपने राज्य से सफाया कर दिया था।
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जहरीला अखरोट निगलने से पहले मुर्गे की खाल के तीन टुकड़े खाने पड़ते थे। इससे पीड़ित को उल्टी हो जाती थी। अगर पीड़ित ने उल्टी कर मुर्गे की खाल के तीनों टुकड़े उगल दिए, तो माना जाता था कि उसने रानी के खिलाफ षडयंत्र नहीं किया है। अगर उल्टी में तीनों टुकड़े नहीं मिलते थे, तो पीड़ित को मौत की सजा दी जाती थी। इसकी पागलपन की वजह से हजारों लोगों की जान चली गई।
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रानी ने अपने परिवार तक को नहीं बख्शा। तख्ता पलट के डर से उन्होंने अपनी करीबियों को भी मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने अपनी बहन और पति के भतीजे को भूखा रख-रखकर मरवा डाला।
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रानी कानावलोना को कई षडयंत्रों और एक तख्तापलट के प्रयास का सामना भी करना पड़ा था।
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बौखलाहट में आकर कानी ने षडयंत्र करने वाले लोगों की वफादारी जांचने के लिए एक कुख्यात टैंजेना परीक्षण शुरू किया।
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रानी रानावलोना के प्रति मालगासी सेना ने वफादारी बनाए रखी। यही वजह है कि उन्होंने करों के बदले देश के लोगों से जबरन काम करवाना शुरू कर दिया।
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एक बार रानी ने अपने दरबारियों और परिवार के लोगों के लिए भैसों के शिकार का आयोजन किया था। इस आयोजन की वजह से हजारों लोगों की जान चली गई।
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एक बार रानी ने अपने एक प्रेमी को दूसरी महिला के साथ देख लिया। इसके बाद उन्होंने उसकी गर्दन काटकर उसे भाले पर टांग दिया था।
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