Jun 15, 2023
पहला नाम है सम्राट हर्षवर्धन का। हर्षवर्धन की गिनती भारत के महान राजाओं में होती है। चौथी शताब्दी से लेकर छठवीं शताब्दी तक जब मगध से भारत पर राज करने वाले गुप्त वंश का जब अंत हुआ, तब देश के क्षितिज पर सम्राट हर्ष का उदय हुआ। उन्होंने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाकर पूरे उत्तर भारत को एक सूत्र में बांधा था। वह महज 16 वर्ष की छोटी उम्र में राजा बने थे।
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महान सम्राट हर्षवर्धन ने लगभग आधी शताब्दी तक यानि 590 ईस्वी से लेकर 647 ईस्वी तक अपने राज्य का विस्तार किया था। हर्षवर्धन ने पंजाब छोड़कर पूरे उत्तरी भारत पर राज किया था। सम्राट हर्ष ने लगभग 41 वर्ष शासन किया था।
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चंद्रगुप्त मौर्य निस्संदेह भारत के सबसे महान सम्राटों में से एक हैं। उन्होंने ही मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी जो आगे चलकर विश्व प्रसिद्ध हुआ। चंद्रगुप्त ने सिकंदर के सेनापति सेल्युकस को दो बार बंधक बनाकर छोड़ दिया था। सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु चाणक्य थे।
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चंद्रगुप्त ने अपने पुत्र बिंदुसार को गद्दी सौंप दी थी। बिंदुसार के समय में चाणक्य उनके प्रधानमंत्री थे। इतिहास में बिंदुसार को महान पिता का पुत्र और महान पुत्र का पिता कहा जाता है, क्योंकि वे चन्द्रगुप्त मौर्य के पुत्र और सम्राट अशोक महान के पिता थे।
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सम्राट अशोक के बारे में भला कौन नहीं जानता। अशोक एक समय निर्भीक योद्धा थे, लेकिन कलिंग के भीषण युद्ध ने उनका ह्रदय पिघला दिया और वह अहिंसा के रास्ते पर चल पड़े।
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सम्राट अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिंद्कुश से लेकर दक्षिण में गोदावरी तक यानि बांग्लादेश, अफगानिस्तान और ईरान तक फैला था।
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इस युद्ध में हुए खून-खराबे को देख अशोक ने बौद्ध धर्म अपना लिया और शांति की राह पर चल पड़े। कहा जाता है कि कलिंग युद्ध में लगभग एक लाख लोगों की मृत्यु हुई थी।
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हिंदू राजा पोरस की गिनती भी भारत के महान राजाओं में होती है। पोरस सिंधु के राजा थे। उन्होंने सिकंदर के साथ इतनी बहादुरी से युद्ध लड़ा था कि विश्व विजेता ने भी उनके साहस को सलाम किया था। पोरस-सिकंदर के बीच युद्ध 326 ईसा पूर्व में हुआ था।
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वीर शिवाजी के किस्से घर-घर मशहूर हैं। यह उनकी वीरता का ही सबूत है कि उनके नाम के आगे ही वीर लगाया जाता है। वीर शिवाजी से मुगल भी डरते थे। अपने पराक्रम ने उन्होंने कई बार मुगलों को धूल चटाई थी। खास तौर पर औरंगजेब ने हर बार मात खाई थी।
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