Jan 13, 2026
मकर संक्रांति का त्योहार भारत में काफी प्रमुखता से मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का काफी महत्व होता है।
Credit: CANVA
देश में मकर संक्रांति के त्योहार को पोंगल, खिचड़ी, संक्रांति और उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है।
Credit: CANVA
पंचांग के अनुसार, इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी (Makar Sankranti Date) दिन मंगलवार को मनाई जाएगी।
Credit: CANVA
इस अवसर पर जानते हैं कि मकर संक्रांति का पर्व मनाने के पीछे वैज्ञानिक कारण क्या है।
Credit: CANVA
मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। यह साल का पहला सोलर ट्रांजिट या सूर्य का राशि परिवर्तन होता है।
Credit: CANVA
इस दिन से सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है। यह बदलाव सर्दी के मौसम के कम होने और दिन के बढ़ने का संकेत देता है।
Credit: CANVA
मकर संक्रांति से सूर्य का उत्तरी गोलार्ध की ओर आना शुरू हो जाता है। इस दिन से उत्तरी गोलार्ध में रातें छोटी और दिन बड़े होने लगते हैं और ठंड कम होने लगती है।
Credit: CANVA
पृथ्वी की धुरी 23.5 अंश झुकी होने के कारण सूर्य 6 महीने तक पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध और 6 महीने दक्षिणी गोलार्द्ध के पास होता है।
Credit: CANVA
मकर संक्रांति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्ध के निकट होता है, जिस वजह से उत्तरी गोलार्ध में रातें बड़ी और दिन छोटे होते हैं और इस समय सर्दी का मौसम होता है।
Credit: CANVA
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स