Mar 11, 2024
जब हमारे देश में दिन होता है तो दुनिया के तमाम देशों में रात हो रही होती है।
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लेकिन क्या आप ये बता सकते हैं कि दुनिया में सब देशों का टाइम अलग अलग क्यों होता है?
अगर आप ग्लोब को ध्यान से देखेंगे तो आपको हॉरिजॉन्टल (अक्षांश) और वर्टिकल (देशांतर) रेखाएं दिखाई देंगी।
इन रेखाओं से ही अलग अलग देशों में घड़ी का समय निर्धारित किया जाता है।
दरअसल, वर्टिकल रेखाओं में ही एक रेखा - ग्रीनविच रेखा या जीरो डिग्री रेखा है। इसे धरती के बीचों बीच माना गया है।
समय में स्पष्टता लाने के लिए दुनिया के सभी देशों ने ग्रीनविच रेखा को मानक रेखा माना है।
इस रेखा के पूरब की ओर जाने पर समय बढ़ता है और पश्चिम की ओर जाने पर समय घटता है।
दुनिया के इस गोल हिस्से को 360 डिग्री में देखा जाता है और देशांतर का हर डिग्री 4 मिनट का अंतर रखता है।
भारत ग्रीनविच से 82.5 डिग्री की दूरी पर पूर्व में स्थित है। इस तरह से हमारे और ग्रीनविच के टाइमजोन में साढ़े पांच घंटे का अंतर है।
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