पानीपत क्यों बना ऐतिहासिक लड़ाइयों का गवाह, ये रही असली वजह
Neelaksh Singh
Jul 09, 2025
panipat.gov.in पर मौजूद है कि यहां तीन ऐतिहासिक लड़ाइयां हुई है।
Credit: canva
पहली लड़ाई 21 अप्रैल 1526 को दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी और बाबर के बीच लड़ी गई।
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दूसरी लड़ाई 5 नवंबर 1556 को अकबर और सम्राट हेम चंद्र विक्रमादित्य के बीच लड़ी गई।
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तीसरी लड़ाई 1761 में अफगान आक्रमणकारी अहमद शाह अब्दाली और पुणे के मराठों के बीच लड़ी गई।
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लेकिन सवाल वही है कि आखिर इसी मैदान पर इतनी लड़ाइयां क्यों हुईं?
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दरअसल, रणनीतिक रूप से पानीपत सबसे सही स्थान हुआ करता था।
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जब भी उत्तर पश्चिम दिशा से कोई भी आक्रमणकारी आता था, तो उसे पानीपत से होकर गुजरना पडता था।
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ऐसे में सेना पहले से वहीं पर डेरा डाल देती थीं, ताकि कोई आक्रमणकारी दिल्ली तक न पहुंच सके।
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इसके अलावा पानीपत का मैदान बहुत लंबा चौड़ा व समतल है, जो युद्ध के लिए पर्फेक्ट था।
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पास में यमुना नदी व नहरें होने के वजह से लाखों सैनिको के पास पानी की कमी भी नहीं होती थी।
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