Jan 15, 2025
यूपी के प्रयागराज में महाकुंभ की धूम है।
Credit: Social Media
14 जनवरी मकर संक्रांति के अवसर पर प्रथम अमृत स्नान संपन्न हुआ।
Credit: Social Media
मंगलवार को मकर संक्रांति के अवसर पर पहले अमृत स्नान पर 3.5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई।
Credit: Social Media
आइये जानते हैं कि देश दुनिया में जिस प्रयागराज की चर्चा हो रही है उसे किसने बसाया था।
Credit: Social Media
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के बड़े जनपदों में से एक है। यह गंगा, यमुना तथा गुप्त सरस्वती नदियों के संगम पर स्थित है।
Credit: Social Media
इस पावन नगरी के अधिष्ठाता भगवान श्री विष्णु स्वयं हैं और वे यहां माधव रूप में विराजमान हैं। भगवान के यहाँ बारह स्वरूप विध्यमान हैं। जिन्हें द्वादश माधव कहा जाता है।
Credit: Social Media
1575 में संगम के सामरिक महत्व से प्रभावित होकर सम्राट अकबर ने “इलाहाबास” (वर्तमान में प्रयागराज) के नाम से शहर की स्थापना की।
Credit: Social Media
कभी इलावर्त, कभी इलाबास, कभी कड़ा तो कभी झूंसी कहा गया।
Credit: Social Media
इलावास आगे चलकर इलाहावास बना फिर अल्लाहबाद में तब्दील हुआ और बाद में इलाहाबाद हुआ। अब इसे प्रयागराज नाम मिला है।
Credit: Social Media
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स