Jun 12, 2025
गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया का विमान 'Boeing 787-8 ड्रीमलाइनर' दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
Credit: canva and tnn
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्लेन में सवार लगभग सभी 242 लोगों की मौत हो गई, प्लेन टेकऑफ के ठीक दो मिनट बाद ही जमीन पर गिर गया, और जलकर खाक हो गया।
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किसी भी प्लेन के साथ क्या हुआ, इसके लिए उसमें रखें ब्लैक बॉक्स तक पहुंचना बहुत जरूरी होता है। इसे flight recorder भी कहा जाता है।
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दुर्घटनाओं और गंभीर घटनाओं से सबक सीखना विमानन सुरक्षा की नींव में से एक है और पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एक नैतिक आवश्यकता है।
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ब्लैक बॉक्स को यह समझने के लिए विकसित किया गया था कि प्लेन के साथ क्या हुआ?, उसके क्रैश होने का कारण क्या था? पायलटों के बीच क्या बात हुई इत्यादि।
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ब्लैक बॉक्स की हादसों का आकलन करने में मदद मिलती है, विश्लेषण किया जाता है और अगली बार ऐसा न हो, इसके लिए जरूरी कदम लिए जाते हैं।
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क्या आप जानते हैं ब्लैक बॉक्स को ऐसे विकसित किया गया है, कि ये प्लेन के जलने पर भी बेकार नहीं होता है। लेकिन सवाल ये है कि प्लेन की किस खास जगह पर ब्लैक बॉक्स रखा जाता है।
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बता दें, ब्लैक बॉक्स (Black Box) को प्लेन में एक खास और बेहद सुरक्षित जगह पर लगाया जाता है ताकि हादसे के बाद भी ये सुरक्षित मिल सके।
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इसे आग और पानी से बचाए रखने वाली तकनीक से लैस किया जाता है।
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इसे खोजने के लिए एक खास तरह के सिग्नल का प्रयोग किया जाता है, जिसे बीकन सिग्नल कहते हैं। इस बीकन सिग्नल से ही से ही ब्लैक बॉक्स का पता लगाया जाता है।
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आमतौर पर इसे विमान के पिछले हिस्से के पास रखा जाता है। यह स्थान रणनीतिक है, क्योंकि दुर्घटना के दौरान विमान का सबसे ज्यादा बचने वाला हिस्सा पूंछ माना जाता है।
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