Dec 09, 2024
लेकिन कई माता पिता नजदीक नहीं केवल अच्छे स्कूल की खोज में रहते हैं, ताकि एक बार बच्चे का एडमिशन करा दिया फिर उनका बच्चा सालों साल वहीं पढ़ाई करे।
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एडमिशन के लिए सबसे ज्यादा सर्च किए गए स्कूलों में केंद्रीय और नवोदय विद्यालय भी आते हैं।
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यहां लिमिटेड सीट्स होने की वजह से सभी बच्चों को एडमिशन का मौका नहीं मिलता है। चलिए जानते हैं केंद्रीय और नवोदय विद्यालय में अंतर क्या है?
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केंद्रीय विद्यालय को आप केवी (KV) नाम से भी जानते हैं, ये स्कूल केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आता है।
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केंद्रीय विद्यालय में ज्यादातर सरकारी कर्मचारियों के बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन दूसरे बच्चों के लिए भी कुछ सीटें आरक्षित होती हैं।
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जवाहर नवोदय विद्यालय को आप एनवी (NV) के नाम से भी जानते हैं, और ये भी केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आता है। तो फिर अंतर क्या है?
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एनवी (NV) यानी जवाहर नवोदय विद्यालय एक आवासीय स्कूल है। जो बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं, उनके लिए ये बेस्ट है।
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नवोदय विद्यालय में बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है, और पढ़ाई भी बेस्ट है, यही वजह है कि यहां एडमिशन की होड़ लगती है।
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नवोदय विद्यालय में एडमिशन हो गया तो फीस के साथ बच्चे के रहने और खाने का भी खर्च सरकार उठाती है।
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वहीं, केंद्रीय विद्यालय में नि:शुल्क शिक्षा नहीं है, लेकिन अन्य स्कूलों के मुकाबले बेहद मामूली फीस ली जाती है, जिस वजह से एडमिशन की भीड़ रहती है।
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