Dec 26, 2025
अलग अलग राज्यों में आपने जिले के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रूप में डीएम यानी जिलाधिकारी और कलेक्टर जैसे पदों के बारे में सुना होगा।
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यह दोनों ही पद संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद आईएएस बनने वाले अधिकारियों को मिलता है।
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क्या आप जानते हैं कि डीएम यानि जिलाधिकारी और जिला कलेक्टर में क्या अंतर होता है।
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डीएम किसी भी जनपद का सर्वोच्च कार्यकारी मजिस्ट्रेट अधिकारी है और उनकी जिम्मेदारी जनपद में प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने की होती है।
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डीएम को कार्यशक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC), 1973 से दी गई। जबकि कलेक्टर को भूमि राजस्व संहिता (Land Revenue Code), 1959 से मिलती है।
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उत्तर प्रदेश में जिले के मुखिया के रूप में नियुक्त प्रशासनिक अधिकारी को जिलाधिकारी कहते हैं।
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किसी भी जनपद में राजस्व प्रबंधन से जुड़ा सबसे बड़ा अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ही होता है।
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अधिकतकर लोग डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट यानी डीएम और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (डीसी) के अंतर को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं।
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राजस्थान में जिले के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को कलेक्टर कहते हैं। पहले जिलाधिकारी और जिलाधीश भी कहा जाता था।
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