DM और कलेक्टर में क्या अंतर होता है, दोनों में कौन ज्यादा पावरफुल

Kuldeep Raghav

Sep 18, 2025

​DM और कलेक्टर ​

अलग अलग राज्यों में आपने जिलाधिकारी और कलेक्टर जैसे पदों के बारे में सुना होगा।

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​क्या होता है अंतर ​

क्या आप जानते हैं कि डीएम यानि जिलाधिकारी और जिला कलेक्टर में क्या अंतर होता है।

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​दोनों होते हैं आईएएस​

जिलाधिकारी (DM) और कलेक्टर दोनों आईएएस अधिकारी होते हैं।

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​कौन होता है डीएम​

डीएम किसी भी ज़‍िले का सर्वोच्‍च कार्यकारी मजिस्‍ट्रेट अधिकारी है और उनकी जिम्‍मेदारी ज़‍िले में प्रशासन‍िक व्‍यवस्था बनाए रखने की होती है।

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​कौन होता है कलेक्टर ​

वहीं, किसी भी ज़‍िले में राजस्‍व प्रबंधन से जुड़ा सबसे बड़ा अधिकारी डिस्ट्रिक्‍ट कलेक्‍टर ही होता है।

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​दोनों की शक्तियां​

डीएम को कार्यशक्ति दण्‍ड प्रक्रिया संहिता (CrPC), 1973 से दी गई। जबकि कलेक्‍टर को भूमि राजस्‍व संहिता (Land Revenue Code), 1959 से मिलती है।

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​राज्यों में अलग अलग चलन​

उत्तर प्रदेश में जिले के मुखिया के रूप में नियुक्त प्रशासनिक अधिकारी को जिलाधिकारी, जबकि राजस्थान में कलेक्टर कहते हैं।

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​काफी कंफ्यूज रहते हैं लोग​

अधिकतकर लोग डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट यानी डीएम और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (डीसी) के अंतर को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं।

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​आईएएस का शुरुआती मूल वेतन ​

एक आईएएस अधिकारी का शुरुआती मूल वेतन लगभग ₹56,100 प्रति माह होता है!

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​वेतन में शामिल भत्ते​

मूल वेतन के अलावा उन्हें वेतन में महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य भत्ते भी मिलते हैं।

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