Dec 10, 2024
शायद आपने ऐसे वीडियो देखे होंगे, जिसमें एयरपोर्ट पर हवाई जहाजों को वॉटर सैल्यूट दिया जा रहा होता है।
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इन वॉटर सैल्यूट को आप जल सलामी भी कह सकते हैं, कभी सोचा है वॉटर सैल्यूट क्या होता है, और किन मामलों में ऐसा किया जाता है।
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बता दें, वॉटर सैल्यूट या जल सलामी खुशी के मौके पर सम्मान देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
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आमतौर पर किसी विमान के दोनों तरफ आग बुझाने वाले ट्रक खड़े होते हैं, ये ट्रक्स एक दूसरे की ओर पानी की धार फेंकते हैं।
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पानी की बौछार के बीच में से प्लेन रनवे पर बहुत धीमी गति से निकलता है। और यही वॉटर सैल्यूट कहलाता है।
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आपको लगेगा ये प्लेन को धुलने का तरीका होता होगा, लेकिन ऐसा नहीं है, ये जल सलामी का तरीका होता है।
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जेवर एयरपोर्ट काफी हद तक बन कर तैयार हो चुका है, दिसंबर 2024 में विमान की लैंडिंग कराके रनवे का ट्रायल पूरा किया गया। ऐसे में जो विमान इस रनवे पर पहले उतरा उसे वॉटर सैल्यूट दिया गया।
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हालांकि अभी यह जेवर एयरपोर्ट यात्रियों के लिए खुला नहीं है, माना जा रहा है, अप्रेल 2025 तक यहां कमर्शियल फ्लाइट्स का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
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ये भी जानें कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का पांचवा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा, इसके शुरू होने के बाद इस राज्य में कुल पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हो जाएंगे।
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