Dec 03, 2025
दिल्ली का IGI एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट बन गया है, जिसने वाटर पाॅजिटिव का दर्जा पाया है। यहां वाटर पॉजिटिव से मतलब जल-सकारात्मक से है।
Credit: canva
वाटर पाॅजिटिव से आशय है कि IGI एयरपोर्ट जितना पानी इस्तेमाल करता है, उससे कहीं ज्यादा पानी प्रकृति को लौटा रहा है।
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हाल ही में वाटर इनोवेशन समिट 2025 में एयरपोर्ट संचालन एजेंसी 'डायल' को इस उपलब्धि के लिए औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।
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'डायल' के कई उद्देश्यों में से एक वर्षा जल को सहेजना, अपशिष्ट जल को पूरी तरह रिसाइकिल करना और खपत को न्यूनतम रखना है।
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इससे स्थानीय जल स्रोतों पर दबाव कम होगा। आईजीआई एयरपोर्ट का यह मॉडल अब दुनिया भर के एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और बड़े शहरी परिसरों के लिए एक दोहराया जा सकने वाला उदाहरण बन गया है।
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डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार का कहना है कि वाटर पाॅजिटिव बनना हमारी उस सोच का प्रमाण है जिसमें हम प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करते हैं।
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बता दें, दिल्ली का IGI एयरपोर्ट भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट भी है। इसके अलाव ये देश का सबसे ग्रीन एयरपोर्ट भी है।
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यह एयरपोर्ट पहले ही अपनी श्रेणी में एशिया का पहला एयरपोर्ट है जिसे एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल के कार्बन एक्रेडिटेशन प्रोग्राम में लेवल-5 का दर्जा मिल चुका है।
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