Sep 17, 2025
भारत में मेडिकल की पढ़ाई के नाम पर ज्यादातर लोग MBBS या BDS करते हैं। ज्यादातर स्टूडेंट्स इन्हीं दो पारंपरिक करियर की तैयारी करते हैं।
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लेकिन मेडिसिन का दायरा इससे कहीं बड़ा है, इन कोर्सेज के अलावा अल्टरनेटिव मेडिकल और एलायड हेल्थ कोर्सेस हैं जो बढ़िया करियर दे सकते हैं।
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हर साल लाखों छात्र छात्राएं चंद एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के लिए हाई कटऑफ, कड़ी प्रतिस्पर्धा की लड़ाई में जूझ कर रह जाते हैं।
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अच्छे छात्र होने के बावजूद, कई बार ये लड़ाई जीत नहीं पाते और उन्हें लगता है कि उनका पूरा करियर खत्म हो गया। लेकिन ऐसा नहीं है, सच ये है भारत समेत दुनियाभर में Alternative Medical Courses की मांग बढ़ रही है।
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ये कोर्सेस तरक्की के साथ-साथ अच्छी कमाई के अवसर और सीधे तौर पर लोगों का जीवन बेहतर बनाने के मौके देते हैं।
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आयुष कोर्सेस में कुल 5 तरह के मेडिकल कोर्स समाहित हैं- आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी, नैचुरोपैथी/यौगिक विज्ञान। ये चिकित्सा की वो विधियां हैं जो भारत में सदियों से चली आ रही हैं। जिन्हें अब वैश्विक स्तर पर पहचान मिल चुकी है।
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आयुर्वेद के लिए BAMS, होम्योपैथ के लिए BHMS, यूनानी के लिए BUMS कोर्स होता है। इसकी प्रैक्टिस के लिए लाइसेंस भी मिलता है। आपको अस्पतालों, वेलनेस/ हेल्थ सेंटर्स में मौके मिलते हैं। अपना खुद का काम भी कर सकते हैं।
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कई तरह के हेल्थ कंडिशंस में पूरी रिकवरी के लिए मरीजों को फिजियोथेरेपिस्ट की जरूरत पड़ती है। सर्जरी वाले मरीजों से लेकर स्पोर्ट्स एथलीट और कॉर्पोरेट ऑफिसेस तक में फिजियोथेरेपी सर्विसेस की बड़ी मांग बढ़ रही है।
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फार्मेसी को मॉडर्न मेडिसीन की नींव माना जाता है। एक फार्मेसी की डिग्री आपको फार्मास्युटिकल/ दवा कंपनियों में काम करने के लिए तैयार करती है, रिसर्च इंस्टिट्यूशंस में मौके देती है, अपनी दुकान खोलने की योग्यता देती है।
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हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काफी बूम है, इसमें लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी और इमरजेंसी सर्विसेस आते हैं। किसी भी अस्पतास, डायग्नोस्टिक सेंटर, आपातकालीन सेवा के लिए नर्स की जरूरत होती ही है।
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