​ट्रेन एक्सीडेंट में खो दिए दोनों पैर और एक हाथ, फिर ऐसे पास की सिविल सर्विसेज

नीलाक्ष सिंह

Mar 09, 2024

​पास की सिविल सेवा परीक्षा​

सिविल सेवा परीक्षाओं में विजयी होना ज्यादातर छात्रों का सपना होता है, लेकिन कई छात्र छोटी मोटी निराशा से हार मार कर बैठ जाते हैं।

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​न हाथ न पैर, क्रैक किया यूपीएससी​

वहीं, 27 वर्षीय सूरज की ​कहानी जानिये, जिनके न एक हाथ है या दोनों पैर, तब भी यूपीएससी क्रैक कर रच दिया इतिहास।

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​मैनपुरी जिले से हैं सूरज​

मैनपुरी जिले के कस्वा कुरावली के रहने वाले सूरज तिवारी व्हील चेयर पर निर्भर हैं, क्योंकि उनके पास दोनों पैर नहीं है, और एक हाथ भी नहीं है।

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​एक्सीडेंट में खोया हाथ पैर​

एक्सीडेंट में हाथ पैर खोने के बाद अगर उनके पास कुछ बचा था तो वह था दृढ़ संकल्प।

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​ट्रेन एक्सीडेंट ने बदल दी जिंदगी​

सूरज तिवारी नई दिल्ली से अपने कॉलेज से लौट रहे थे, कि रेलवे स्टेशन पर एक दुर्घटना का शिकार हो गए।

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​2017 में हुआ एक्सीडेंट​

29 जनवरी, 2017 को हुई यह घटना इतनी भयानक थी कि दोनों पैर कट गए यहां तक कि एक हाथ भी कट गया।

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​बिस्तर पर हुए आश्रित​

इसके बाद वे बिस्तर पर पड़े रहे और परिवार पर हर काम के लिए निर्भर हो गए। एक हाथ जाने की वजह से लिखने की क्षमता भी चली गई।

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​चले गए अवसाद में​

इस दौरान उन्हें समझ आ चुका था कि अगर उन्हें इस अवसाद से कुछ बाहर निकाल सकता है तो उनका बचा दूसरा हाथ और कड़ी से भी कड़ी मेहनत।

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​कोविड-19 में शुरू की सिविल सेवा​

सूरज ने कोविड-19 के दौरान यूपीएससी सिविल सर्विेसेज की तैयारी शुरू की, पहले प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंच गए लेकिन कुछ अंकों से चूक गए।

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​दूसरे प्रयास में हासिल की जीत​

अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने परीक्षा पास कर ली, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 917वीं रैंक हासिल कर अपना व सभी उम्मीदवारों का मान व गौरव बढ़ाया।

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