इंजीनियरिंग में सुधा मूर्ति के नाम दर्ज है अनोखा रिकॉर्ड, जानें कितनी पढ़ी लिखी हैं

Kuldeep Raghav

Sep 15, 2024

​इंजीनियर्स डे​

15 सितंबर को देशभर में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। यह दिवस देश के इंजीनियर्स को सम्मानित करने और उनके योगदान को याद करने का दिन है।

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​क्यों है खास​

इस दिन देशभर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा इंजीनियर्स का सम्मान किया जाता है।

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​क्यों मनाते हैं ​

यह भारत के पहले इंजीनियर, भारत रत्न एवं ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से सम्मानित एम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

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​सुधा मूर्ति की कहानी ​

आपको बता दें कि सुधा मूर्ति भी इंजीनियर हैं। वह इंफोसिस जैसी कंपनी की स्थापना में अहम रोल रखती हैं।

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​उधार दिए थे पैसे​

सुधा मूर्ति से 10 हजार रुपये उधार लेकर नारायण मूर्ति ने इंफोसिस की स्थापना की थी।

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​सुधा मूर्ति का जन्म​

सुधा मूर्ति का जन्म उत्तरी कर्नाटक में शिगांव में 19 अगस्त 1950 को हुआ था। सुधा के पिता का नाम आर.एच कुलकर्णी और माता विमला कुलकर्णी है।

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​कहां से की इंजीनियरिंग​

उन्होंने बीवीबी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, हुबली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया।

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​बनाया रिकॉर्ड ​

सुधा इंजीनियरिंग कॉलेज में 150 स्टूडेंट्स के बीच दाखिला पाने वाली पहली महिला थीं। वह भारत की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता कंपनी टेल्को में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर सुधा मूर्ति बनीं।

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​CS में मास्टर्स​

जब वह क्लास में प्रथम आईं तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने उन्हें पदक से सम्मानित किया। बाद में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री ग्रहण की।

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