न चेहरा न आंखें, स्कूल किया टॉप, 3 साल में हुआ था एसिड अटैक

Neelaksh Singh

May 15, 2025

​3 साल की उम्र में झेला एसिड अटैक​

​कभी सोचकर देखिए एसिड कितनी बुरी तरह से झुलसा देता है, एसिड अटैक की घटना के बारे में कल्पना करते भी रूह कांप जाती है। एक लड़की, जिसने मात्र तीन साल की उम्र में एसिट अटैक झेला, जिसकी बाद उसकी आंखों की रोशनी चली गई, और चेहरा गल गया।

Credit: canva and TNN

​हौसलों की उड़ान​

लेकिन हौसलों के पर काटना किसी आदमी के बस में नहीं, ठीक ऐसा ही साबित किया चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित ब्लाइंड स्कूल की छात्रा 'काफी' ने।

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​स्कूल टॉपर बनकर रचा इतिहास​

काफी ने 13 मई को जारी सीबीएसई कक्षा 12वीं रिजल्ट में 95.6% लाकर स्कूल टॉप किया, और अपने हौसले से दुनिया को परिचित कराया।

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​कभी हार न मानने वाली 'काफी'​

जहां लोग तमाम संसाधनों के बीच औसत नंबर लाने के लिए संघर्ष करते हैं, वहीं, काफी ने बिना आंखों की रोशनी के 95.6% अंक के साथ सीबीएसई 12वीं परीक्षा में कमाल कर दिखाया।

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​कड़ी मेहनत का फल​

काफी अभी महज 17 साल की हैं, उन्होंने पढ़ाई में कड़ी मेहनत की आज वे देशभर के तमाम लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं।

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​इंसानी हौसले की शानदार मिसाल​

भले वे देख नहीं सकती हैं, लेकिन प्रेरणा की रोशनी बिखेर सकती हैं। उन्होंने अपनी अंधेरी दुनिया में उजाले की ऐसी राह बनीई, जिससे प्रेरित होकर तमाम छात्र आगे बढ़ पाएंगे।

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​IAS अधिकारी बनना है लक्ष्य​

'काफी' का सपना है कि वह आगे चलकर दिल्ली से पढ़ाई करना चाहती हैं और IAS अधिकारी बनना चाहती हैं। वे पढ़ाई के लिए समर्पित हैं, उनके माता पिता के अलावा उनके टीचर्स ने भी उन्हें खूब सपोर्ट किया।

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​बदली खुद की किस्मत​

3 साल में एसिड अटैक झेलने वाली 'काफी' ने अपनी पढ़ाई कभी नहीं छोड़ी। कक्षा 6 में पढ़ने के लिए चंडीगढ़ के ब्लाइंड स्कूल में दाखिला लिया, उन्होंने 10वीं में 95.2% अंक हासिल किए थे।

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​काफी की सक्सेस के पीछे खास रोल है पिता का​

काफी के पिता पवन चंडीगढ़ में चपरासी की एक कांट्रेक्चुअल जॉब करते हैं इसके अलावा वो ड्यूटी के बाद ऑटो भी चलाते हैं ताकि परिवार का पालन पोषण अच्छे से हो सके।

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