बार बार मिल रही है असफलता तो गांठ बांध लें संस्कृत के ये श्लोक, छात्र हो जाएंगे सफल

Aditya Singh

Sep 01, 2025

​बार बार मिल रही है असफलता​

यदि आपको भी बार बार असफलता मिल रही है तो निराश ना हों। यहां हम आपके लिए संस्कृत के कुछ श्लोक लेकर आए हैं, जो आपके अंदर एक नई ऊर्जा का संचार करेंगे।

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​गांठ बांध लें संस्कृत के ये श्लोक​

कड़ी मेहनत व संघर्ष के साथ आप इस श्लोक को गांठ बांधकर बड़े से बड़े मुकाम को हासिल कर सकते हैं।

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​सफलता के लिए संस्कृत के 7 श्लोक​

यहां देखें सफलता के लिए संस्कृत के 7 श्लोक, जो आपको नई ऊंचाइयों पर पहुंचा सकते हैं।

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​काक चेष्टा, बको ध्यानं​

काक चेष्टा, बको ध्यानं, स्वान निद्रा तथैव च । अल्पाहारी, गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं ॥

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​​विद्वानेवोपदेष्टव्यो नाविद्वांस्तु​​

विद्वानेवोपदेष्टव्यो नाविद्वांस्तु कदाचन । वानरानुपदिश्याथ स्थानभ्रष्टा ययुः खगाः ॥

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​​उद्यमेन हि सिध्यन्ति​​

उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः । न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः ॥

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​​अयं निजः परो वेति​​

अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैवकुटम्बकम्॥

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​​सुलभा: पुरुषा: राजन्‌ सततं​​

सुलभा: पुरुषा: राजन्‌ सततं प्रियवादिन: । अप्रियस्य तु पथ्यस्य वक्ता श्रोता च दुर्लभ:

विद्यां ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम् । पात्रत्वात् धनमाप्नोति धनात् धर्मं ततः सुखम् ॥

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​श्लोकार्धेन प्रवक्ष्यामि यदुक्तं​

श्लोकार्धेन प्रवक्ष्यामि यदुक्तं ग्रन्थकोटिभिः । परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम् ॥

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