ISRO में नौकरी कैसे मिलती है, जानें कितनी होती है साइंटिस्ट की सैलरी

Kuldeep Raghav

Aug 22, 2024

​राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस​

भारत 23 अगस्त, 2024 को पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जाएगा। इसका विषय है "चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा।

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​क्यों मनाया जा रहा इसरो दिवस​

इसरो यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान द्वारा भेजा गया चंद्रयान 3 चंद्रमा 23 अगस्त 2023 को ही चंद्रमा पर उतरा था।

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​इसरो में नौकरी ​

इसरो दिवस और चंद्रयान-3 की चर्चा के बीच युवा जानना चाहते हैं कि इसरो में नौकरी कैसे मिलती है और स्पेस वैज्ञानिक कैसे बना जाता है।

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​इसरो को जानें​

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​किसने की स्थापना​

इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969 में मशहूर वैज्ञानिक विक्रम अंबालाल साराभाई के प्रयासों के द्वारा हुई थी।

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​इन लोगों को मिलती है नौकरी​

इसरो आमतौर पर मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या कंप्यूटर इंजीनियरिंग में एस्ट्रोनॉमी विज्ञान, भौतिकी या गणित में पीएचडी के साथ पेशेवरों की भर्ती करता है।

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​ऐसे मिलता है मौका​

इसरो में स्पेस साइंटिस्ट की नौकरी मिलती है। इस पद के लिए आपको इंजीनियरिंग या साइंस का कोर्स करना होगा। स्पेस साइंटिस्ट बनने के लिए तीन साल का बीएससी और चार साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्स होते हैं।

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​कहां कराए जाते हैं कोर्स​

इसरो और बेंगलुरु स्थित आईआईएससी में ये कोर्स कराए जाते हैं। संबंधित डिग्री लेने के बाद इसरो द्वारा समय समय पर भर्ती निकाली जाती है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

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​कितनी होती है सैलरी ​

इसरो के वैज्ञानिक को सभी भत्ते लाकर शुरुआत में 95,059 - 1,07,635/- रुपये सैलरी मिलती है।

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