कैम्ब्रिज से ऑक्सफोर्ड तक मनमोहन सिंह ने गाड़ा झंडा, जानें कितनी डिग्रियां थीं पास

Kuldeep Raghav

Dec 26, 2024

​मनमोहन सिंह ​

देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितम्बर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रान्त के एक गांव में हुआ था। 26 दिसंबर की रात प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन हो गया है। आइये जानते हैं कि वह कितने पढ़े लिखे थे।

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​विपक्ष के नेता रहे​

डॉ. मनमोहन सिंह 1991 से भारतीय संसद के उच्च सदन (राज्य सभा) के सदस्य रहे जहां वे 1998 से 2004 तक विपक्ष के नेता थे।

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​दो बार रहे प्रधानमंत्री ​

डॉ. मनमोहन सिंह ने 2004 के आम चुनाव के बाद 22 मई 2004 को प्रधानमंत्री के रूप के शपथ ली और 22 मई 2009 को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।

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​पद्म विभूषण से सम्मानित ​

डॉ. सिंह को मिले कई पुरस्कारों और सम्मानों में से नवाजा गया। उन्हें भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण(1987) भी मिला।

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​पंजाब विश्वविद्यालय से मेट्रिक​

मनमोहन सिंह ने वर्ष 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से मेट्रिक की शिक्षा पूरी की।

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​कैंब्रिज विश्वविद्यालय पहुंचे​

उन्होंने अपनी आगे की शिक्षा ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से प्राप्त की। 1957 में उन्होंने अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से ऑनर्स की डिग्री अर्जित की।

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​ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय से डी फिल ​

1962 में उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के नूफिल्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में डी.फिल किया। पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में डॉ. सिंह ने शिक्षक के रूप में कार्य किया।

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​वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार​

1971 में डॉ. सिंह वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में शामिल हुए। 1972 में उनकी नियुक्ति वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में हुई।

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​इन पदों पर रहे​

मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्रालय के सचिव, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, भारतीय रिजर्व बैंक के अध्यक्ष, प्रधानमंत्री के सलाहकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

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