Sep 18, 2024
भारत में पहला मुगल शासक बाबर था, जो 1526 में भारत आया, जबकि भारत में अंतिम मुगल राजा बहादुर शाह जफर (ii) था।
Credit: canva and TNN
1857 क्रांति के दौरान जब देशवासियों ने मुगल बादशाह से मदद मांगी, तो उसने मना नहीं किया।
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बहादुर शाह जफर (ii) ने अंग्रेजों के खिलाफ हिंदुओं और भारतीयों का साथ दिया, जिसके चलते अंग्रेजों ने उसे देश से बाहर जेल में डाल दिया।
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इधर उसके खानदान के सभी बच्चों को मारना शुरू किया, कहते हैं बहादुर शाह जफर (ii) के कुल 49 बच्चे थे।
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इनमें से दो भागने (मिर्ज़ा अब्दुल्लाह और मिर्ज़ा क्वैश) में भी कामयाब रहे, लेकिन अंग्रेजों ने उन पर ईनाम रख दिया ताकि चुन चुन कर सभी को खत्म किया जा सके।
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बहादुर शाह जफर (ii) को बर्मा देश की जेल में डाला गया, जिसे आज हम म्यांमार नाम से जानते हैं।
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बहादुर शाह जफर (ii) को एक दिन लकवा पड़ा और वो वहीं उसी जेल में 1862 में मर गया, अंग्रेज नहीं चाहते थे कि उसकी मौत की खबर फैले।
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इसलिए अधिकारियों के कहने पर अंग्रेजी सिपाहियों ने बहादुर शाह जफर (ii) को उसी जेल के पीछे गड़वा दिया, और इस बात को सालों साल गुप्त रखा।
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बहादुर शाह जफर की कब्रगाह साल 1991 में मिली, यानी करीब डेढ़ सौ साल बाद बहादुर शाह जफर (ii) की कब्र मिली, अंग्रेजों ने इसे समतल करा दिया था।
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