Jul 23, 2025
मानसून के इस मौसम में देशभर में बारिश झूमकर हो रही है।
Credit: Istock/Pixabay/Instagram
बारिश के सीजन में अक्सर आपने सुना होगा कि कहीं 6 इंच तो कहीं 8 इंच बारिश हो गई।
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मिलीमीटर में 15, 20, 50 mm बारिश रिकॉर्ड की गई है, लेकिन, क्या आपने कभी सोचा कि बारिश के यह आंकड़े कैसे लिए जाते हैं?
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चलिए आज हम आपको बताएंगे कि बारिश को कैसे मापा जाता है।
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वर्तमान समय में तीन तरह से वर्षा को मापा जाता है। इसमें एक साधारण वर्षा मापी यंत्र, दूसरा स्वचालित वर्षामापी यंत्र और तीसरा ऑटोमेटिक वर्षा मापी यंत्र टिपिंग बकेट रेन गेज है।
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इसमें एक फनल में पानी की बूंदे गिरती हैं जोकि अंदर लगे कलेक्टिंग जार में इकट्ठा हो जाती हैं। यह जार 400 मिलीलीटर का होता है। इसमें जो पानी एकत्रित होता है, उसे परखनली के माध्यम से मापा जाता है।
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इसमें भी एक फनल होता है, जिसमें बारिश की बूंदें गिरती हैं और इसके अंदर एक ड्रम और क्लॉक होती है। यहां लगी निडिल ग्राफ के माध्यम से ऑटोमेटिक मापती है।
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यह ऑटोमेटिक वर्षा को कैलकुलेट करता है। यहां फनल के जरिए जो बारिश इकट्ठा होती है, उसे इलेक्ट्रॉनिक डाटा लोगर के जरिए मापा जाता है कि कितनी बारिश हुई ।
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वर्षा को मापने के लिए पूरे विश्व में इन्हीं तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
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