May 11, 2025
भारत में रोजाना 13 हजार से अधिक यात्री ट्रेन चलती हैं, जिसमें करोड़ों लोग यात्रा करते हैं।
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इसमें ट्रेन के ड्राइवर यानी लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट का अहम योगदान होता है। हर ट्रेन में दो पायलट होते हैं। इसके अलावा लंबी दूरी वाले ट्रेन में बीच में चालक भी बदलते रहते हैं।
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लेकिन क्या आप जानते हैं कि ट्रेन के ड्राइवर यानी लोको पायलट की ड्यूटी कितने घंटे होती है।
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अगर आप भी नहीं जानते हैं कि ट्रेन के लोको पायलट की शिफ्ट कितने घंटे होती है तो यहां जान लीजिए।
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न्यूज 18 के एक लेख के मुताबिक ट्रेन ड्राइवर और गार्ड का रोस्टर बना होता है। वैसे तो ट्रेन के ड्राइवर की शिफ्ट 1 दिन में 8 घंटे की होती है। लेकिन जरूरत के हिसाब से टाइमिंग ऊपर नीचे हो सकती है।
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हालांकि ट्रेन के ड्राइवर को अतिरिक्त समय के लिए ओवरटाइम का भुगतान किया जाता है।
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वहीं पैसेंजर ट्रेन के ड्राइवर की शिफ्ट 8 घंटे से अधिक नहीं होती है। यहां ठीक 8 घंटे बाद लोको पायलट बदल दिए जाते हैं।
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बता दें ट्रेन के लोको पायलट के पदों पर डायरेक्ट भर्ती नहीं की जाती है। यहां असिस्टेंट लोको पायलट के पदों पर उम्मीदवारों का सेलेक्शन होता है। अनुभव के आधार पर पदोन्नति की जाती है।
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इसके लिए अभ्यर्थी किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं या 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण होना चाहिए। साथ ही संबंधित ट्रेन में आईटीआई या इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना चाहिए।
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