ज्ञान के सागर थे डॉ. राधाकृष्णन, हासिल की थी ये 9 प्रतिष्ठित डिग्रियां

Aditya Singh

Sep 05, 2026

​आज शिक्षक दिवस​

आज यानी 5 सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है।

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​​​डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती​​

यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है।

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​​महान शिक्षाविद और दार्शनिक​

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के महान शिक्षाविद, दार्शनिक, लेखक और राजनेता थे। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुत्तनी में हुआ था।

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​कई पुस्तकें और लेख लिखे​

डॉ. राधाकृष्णन भारतीय दर्शन और संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने वाले प्रमुख विद्वानों में शामिल थे। उन्होंने शिक्षा, दर्शन और धर्म से जुड़े विषयों पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें और लेख लिखे।

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​कहा जाता है ज्ञान सागर​

उन्हें ज्ञान का सागर भी कहा जाता था। उन्होंने 9 प्रतिष्ठित डिग्रियां हासिल की थी।

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​यहां से हुई शुरुआती पढ़ाई​

राधाकृष्णन ने अपनी शुरुआती शिक्षा तिरुत्तानी के के.वी. हाई स्कूल में प्राप्त की।

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​आगे की पढ़ाई चेन्नई से हुई​

इसके बाद उन्होंने हरमन्सबर्ग इवेंजेलिकल लूथरन मिशन स्कूल में पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने चेन्नई का रुख किया।

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​बीए और एमए के लिए यहां लिया एडमिशन​

कहा जाता है कि महज 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में प्रवेश लिया, जहां से उन्होंने 1906 में ग्रेजुएशन (BA) और पोस्ट ग्रेजुएशन (MA) की डिग्रियां हासिल की।

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​ये प्रतिष्ठित डिग्रियां​

उनके पास कई प्रतिष्ठित डिग्रियां थी। इसमें इसमें एमए (M.A) से लेकर डीलिट (मानद) (D. Litt. (Honorary), एलएलडी (LL.D), डीसीएल (D.C.L.), लिटडी (Litt. D.), डीएल (D.L.), एफआरएसएल (F.R.S.L.), एफबीए (F.B.A.) जैसी प्रतिष्ठित डिग्रियां शामिल हैं।

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