Oct 21, 2025
पुलिस हिरासत और ज्यूडिशियल कस्टडी में क्या फर्क है? ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम
Kusum Bhatt
आपने पुलिस हिरासत और पुलिस कस्टडी के बारे में कई बार सुना होगा।
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कई बार लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं और दोनों टर्म को एक ही समझ बैठते हैं।
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जबकि असल में दोनों के मतलब में काफी अंतर है।
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आईपीसी की धारा 41 से 60 के तहत गिरफ्तारी और हिरासत का प्रावधान है।
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इसके तहत हिरासत और कस्टडी दो अलग-अलग हैं।
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पुलिस हिरासत में अपराधी पुलिस के नियंत्रण में रहता है। ये जांच का शुरुआती स्टेप होता है।
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हिरासत की अधिकतम अवधि 15 दिन की ही होती है, जिसे मजिस्ट्रेट स्वीकार करते हैं।
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पुलिस हिरासत और ज्यूडिशियल कस्टडी में क्या फर्क है? ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम
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जैसे कि पुलिस स्टेशन या फिर लॉक अप। जिसमें पूछताछ होता है या बयान दर्ज होते हैं।
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ज्यूडिशियल कस्टडी में आरोपी को जेल या फिर न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है।
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पुलिस हिरासत के बाद ये शुरू होता है। जो ज्यादा से ज्यादा 60-90 दिन की होती है।
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मजिस्ट्रेट इसकी रिमांड हर 15 दिन में बढ़ा सकता है।
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पुलिस हिरासत में आरोपी पुलिस स्टेशन या लॉकअप में रहता है।
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