Dec 29, 2024
बाबर के बेटा हुमायूं, फिर इनका बेटा अकबर, फिर इनका बेटा जहांगीर... इस तरह पीढ़ी दर पीढ़ी ने भारत पर राज किया।
Credit: canva and Meta AI
सभी बादशाह अपनी हुकूमत बढ़ाते जा रहे थे, अपने कब्जे का इकाला बढ़ाते जा रहे थे, या यूं कहें कि राजा बादशाहों की फितरत होती थी ज्यादा से ज्यादा जमीन पर राज करना।
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इसमें भी कोई शक नहीं है मुगल ताकतवर थे, उनके पास बहुत बड़ी सेना हुआ करती थी, सैन्य नुकसान से ज्यादा क्षति नहीं होती थी।
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बावजूद इसके वो कब अंग्रेजों ने भारत में चुपके से अपनी सेना बढ़ा ली और मुगलों की नाक में दक करना शुरू कर दिया, ये मुगल जान ही नहीं पाए।
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24 अगस्त, 1608 को व्यापार के उद्देश्य से भारत के सूरत (गुजरात) बंदरगाह पर अंग्रेजो का आगमन हुआ था, उन्होंने यहां मुगल सल्तनत से व्यापार करने की आज्ञा मांगी, कैसै तैसे मुगलों ने हां कर भी दिया।
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लेकिन उन्हें क्या पता था कि एक दिन मुगलों का शासन खत्म कर, अंग्रेजों का शासन शुरू हो जाएगा। अंग्रेज चतुर थे, वे चोरी छिपे अपनी सेना भारत में बढ़ाते गए और आधुनिक हथियारो के दम पर मुगलों को हराकर अपना शासन शुरू कर दिया।
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लेकिन मुगल हो या अंग्रेज कोई भी कभी गोवा पर नियंत्रण नहीं पा सका, इसका कारण था कि गोवा ही इकलौता ऐसा राज्य था तो पुर्तगालियों के नियंत्रण में था।
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बता दें, पुर्तगाली मुगल राज में ही भारत आए थे और गोवा को कब्जे में ले लिया था, मुगल और अंग्रेज दोनों ने इस राज्य पर कब्जा करने की कोशिश की लेकिन पुपुर्तगालियों की स्थिति मजबूत थी।
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बता दें, भारत से मुगल गए, अंग्रेज चले गए लेकिन पुर्तगाली नहीं गए, फिर देश की आजादी के कई सालों बाद 19 दिसंबर 1961 को गोवा भारत का हिस्सा बना, तब से इस दिन को गोवा में मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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