अंधेरे में रोशनी दिखाती हैं आचार्य प्रशांत की ये बातें, छात्र बांध लें गांठ

Kuldeep Raghav

Aug 30, 2024

​कौन हैं आचार्य प्रशांत​

7 मार्च 1978 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्में आचार्य प्रशांत का मूल नाम “प्रशांत त्रिपाठी” है। इन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई IIT Delhi से और IIM Ahmedabad से MBA पूरा की है।

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​यूपीएससी परीक्षा पास​

प्रशांत ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की IAS की परीक्षा उत्तीर्ण कर कुछ समय केन्द्र सरकार के साथ काम भी किया है।

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​प्रेरक विचार​

वह छात्रों से कहते हैं कि जीवन एक रंगमंच है इसमें अपना किरदार समझदारी से निभाए।

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​प्रश्न रिपीट नहींं होते ​

जिंदगी की परीक्षा में कोई प्रश्न कभी दोहराया नहीं जाता है।

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​जीवन मृत्यु की बात​

जीवन की कोई भी खोज मृत्यु के बहुत करीब जाकर शुरू होती हैं, मृत्यु को समझना ही जीवन को समझना है।

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​अहंकार से बचें​

आंखों से तुम कुछ देख सकते हो, लेकिन अहंकार के साथ तुम कुछ नहीं देख पाते। छात्रों को अहंकार से बचना चाहिए।

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​सीना ठोक के सामना​

परीक्षा का सीना ठोक से सामना करो, शेर की तरह।

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​अच्छे बनो​

अच्छा करना बहुत दूर की बात है, जरूरी है कि पहले अच्छे हो जाओ।

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​मिलेगी सफलता​

अगर आपने आचार्य प्रशांत की ये बातें जीवन में उतार लीं, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक पाएगा।

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