Dec 26, 2022

​प्रेरणा से भरी है एसी मैकेनिक के बेटे Rajin Mansoori की सक्सेट स्टोरी

नीलाक्ष सिंह

​समर्पण दिलाती है सफलता

संसाधनों को अभाव केवल बहाना मात्र है सक्सेज हर किसी को मिल सकती है, बशर्ते उसके लिए एक चीज चाहिए वह ही समर्पण, जो कोई भी दिखा सकता है।

Credit: istock

​एसी मैकेनिक के बेटे ने रचा इतिहास

कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। कुछ ऐसा ही हुआ जब एक एसी मैकेनिक के बेटे Rajin Mansoori ने CAT परीक्षा में अप्रत्याशित नंबर पाए।

Credit: istock

​गजब का रहा पर्सेंटाइल

कॉमन एडमिशन टेस्ट में एसी मैकेनिक के बेटे Rajin Mansoori ने 99.78 प्रतिशत स्कोर करके असाधारण प्रदर्शन दिया। उनके पिता एयर कंडीशनर की मरम्मत करते हैं।

Credit: istock

​आर्थिक स्थिति थी खराब

बता दें Rajin Mansoori का परिवार केवल एक कमरे में रहकर गुजारा करता है, आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बावजूद उन्होंने अपने इरादों को कमजोर नहीं होने दिया।

Credit: istock

​परिवार में हैं मां बाप और छोटा भाई

Rajin Mansoori के पिता इरफान मंसूरी, मां सबिहा और उसका छोटा भाई रेहान जुहापुरा (अहमदाबाद) में एक कमरे के मकान में रहते हैं।

Credit: istock

​पहले प्रयास में लाए थे 96.2

अहमदाबाद के रहने वाले Rajin Mansoori ने CAT 2021 यानी अपने पहले प्रयास में 96.2 प्रतिशत स्कोर किया था, लेकिन राजिन अपने परिणामों से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्होंने दोबारा प्रयास करके 99.78 अंक हासिल किए।

Credit: istock

​आईटी में की इंजीनियरिंग

Rajin Mansoori ने री-अपीयर पेपर में 99.78 प्रतिशत अंक हासिल किए, जिससे उनके IIM-अहमदाबाद या IIM-बैंगलोर में प्रवेश की संभावना बढ़ गई है। राजिन ने इसी साल मई में अहमदाबाद यूनिवर्सिटी से आईटी में इंजीनियरिंग पूरी की।

Credit: istock

​स्कॉलरशिप से की पढ़ाई पूरी

Rajin Mansoori के परिवार की आर्थिक स्थित ठीक नहीं थी, ऐसे में उन्होंने हाई स्कूल के बाद से, ज्यादातर स्कॉलरशिप पर पढ़ाई की। अपने प्रदर्शन के कारण उन्हें एयू में भी अच्छी स्कॉलरशिप मिली।

Credit: istock

​सपने के लिए ठुकराया 6 लाख की सैलरी

Rajin Mansoori ने बतया कि इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्हें 6 लाख रुपये सालाना वेतन वाली नौकरी का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि उनका सपना IIM में जाने का था।

Credit: istock

Thanks For Reading!

Next: भारतीय थल सेना दिवस: इतिहास, कारण व जानें इस बार क्या होगा अलग