May 10, 2025
By: Nilesh DwivedIराजस्थान की समृद्ध और ऐतिहासिक नगरी जयपुर को अपनी शानदार स्थापत्य कला और संस्कृति के लिए जाना जाता है।
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जयपुर को देश-दुनिया में पिंक सिटी ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है। लेकिन क्या आप इसके पीछे की वजह को जानते हैं? अगर नहीं तो आइए बताते हैं।
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1876 में प्रिंस अल्बर्ट के भारत दौरे के दौरान, जयपुर के तत्कालीन महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय ने शहर को गुलाबी रंग में रंग दिया, ताकि उनका स्वागत शानदार तरीके से किया जा सके।
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महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय ने गुलाबी रंग का उपयोग ब्रिटिश राजकुमार को प्रभावित करने और अंग्रेजों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने की एक रणनीति के रूप में किया।
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प्रिंस अल्बर्ट की यात्रा के सम्मान में जयपुर में एक भव्य कॉन्सर्ट हॉल बनाया गया, जिसे अल्बर्ट हॉल कहा गया। ये लंदन के विक्टोरिया और अल्बर्ट म्यूजियम से प्रेरित था।
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कहा जाता है कि जब प्रिंस अल्बर्ट ने गुलाबी रंग में रंगे जयपुर को देखा, तो उन्होंने इसे "पिंक सिटी" कहकर संबोधित किया, और तब से यही नाम प्रसिद्ध हो गया।
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महाराजा की पत्नी के आग्रह पर एक कानून पारित किया गया, जिसके तहत शहर की सभी इमारतों को गुलाबी रंग में रखने की परंपरा जारी रही। आज भी जयपुर इस परंपरा का पालन करता है, जिससे इसे पिंक सिटी का अनूठा स्वरूप मिला।
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जयपुर के कई ऐतिहासिक भवन लाल बलुआ पत्थर से बने हैं, जो गुलाबी टेराकोटा रंग के साथ मिलकर इसे एक विशेष आकर्षण देते हैं।
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शहर की इमारतों को गुलाबी रंग से रंगना सिर्फ अस्थायी नहीं था, बल्कि एक कानून बन गया कि सभी इमारतें गुलाबी रंग में ही रहें, जिसे आज भी कई जगहों पर लागू किया जाता है।
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