Apr 27, 2025
सिंधु नदी लद्दाख और जम्मू कश्मीर से होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करती है। सिंधु नदी को पाकिस्तान की लाइफलाइन भी कहा जाता है। यह पाक की राष्ट्रीय नदी भी है।
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सिंधु नदी एशिया की सबसे बड़ी नदी भी है। सिंधु नदी के पानी पर ही पाकिस्तान की 80 फीसदी खेती योग्य जमीन निर्भर करती है। पाकिस्तान के लाहौर, कराची, मुल्तान जैसे शहर और 237 मिलियन से अधिक लोग सिंधु नदी के पानी पर निर्भर हैं।
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सतलज नदी का उद्गम हिमाचल प्रदेश से होता है। यह नदी पंजाब से होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करती है। ये नदी पाकिस्तान के पंजाब के पूर्वी भाग में बहती है। यह नदी चिनाब में मिलने के बाद सिंधु नदी से जाकर मिलती है।
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रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से निकलती है और पंजाबसे होते हुए पाकिस्तान जाती है। इस नदी को पाकिस्तान में लाहौर नदी कहते हैं।
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झेलम नदी का उद्गम जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले से होता है। यह नदी पीओके से होते हुए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पहुंचती है।
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चिनाब नदी का उद्गम हिमाचल के लाचा दर्रे से होता है। यह नदी भी भारत से होते हुए पाकिस्तान जाती है।
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भारत के हिमाचल प्रदेश से ही व्यास नदी का भी उद्गम होता है। यह नदी पंजाब में जाकर सतलज नदी में मिल जाती है। व्यास नदी पाकिस्तान नदी जाती है, लेकिन इसका पानी सतलज नदी में मिलकर पाकिस्तान पहुंचता है।
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संधि में तय हुआ कि रावी, व्यास और सतलज इन तीन नदियों के पानी पर भारत का पूरा अधिकार होगा। वहीं सिंधु, झेलम और चिनाब के बहाव को बिना किसी रुकावट पाकिस्तान को दिया जाएगा। हालांकि इन नदियों के पानी से खेती और अन्य इस्तेमाल का अधिकार भारत के पास भी रहेगा।
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भारत और पाकिस्तान के बीच इन 6 नदियों को लेकर साल 1961 में संधि हुई थी। जिसके तहत भारत से पाकिस्तान जाने वाली इन नदियों के पानी का बंटवारा तय हुआ।
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