Jun 11, 2025
बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर और लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर रैपिडो (Rapido) ने फूड डिलीवरी सेगमेंट में एंट्री की है।
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माना जा रहा है कि रैपिडो (Rapido) जोमैटो और स्विगी की मुश्किल बढ़ सकती है, जिनकी इस सेक्टर पर दबदबा है।
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रैपिडो अब तक करीब 600 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटा चुकी है। वह अपने 30 लाख ड्राइवरों के नेटवर्क का फायदा उठाकर 8–15% तक की कम कमीशन दर पर रेस्टोरेंट से डील करेगा।
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रैपिडो का नया वर्टिकल 'Ownly' नाम से लॉन्च होगा, जो 150 रुपये से कम कीमत वाले खाने पर फोकस करेगा। यह जीरो कमीशन मॉडल पर चलेगा। इसमें न पैकेजिंग फीस होगी, न प्लेटफॉर्म चार्ज।
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रैपिडो की स्थापना साल 2015 में तीन युवाओं पवन गुंटुपल्ली, अरविंद संका और ऋषिकेश एसआर ने की थी। पवन गुंटुपल्ली एक IIT खड़गपुर के पूर्व छात्र और सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जो रैपिडो के मुख्य सह-संस्थापक हैं।
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रैपिडो ने ट्रैफिक में फंसे बिना तेज और किफायती बाइक टैक्सी सेवा प्रदान करने के लिए शुरुआत की।
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यह कंपनी भारत के 100 से अधिक शहरों में अपनी सेवाएं प्रदान करती है। रैपिडो का मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।
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रैपिडो ने बाइक टैक्सी के साथ-साथ ऑटो रिक्शा और लॉजिस्टिक्स सेवाएं भी शुरू की हैं।
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कंपनी ने WestBridge Capital से 200 मिलियन डॉलर की सीरीज ई फंडिंग प्राप्त की है। रैपिडो की वैल्यूएशन 1.1 बिलियन डॉलर से ऊपर है।
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रैपिडो ने लाखों ड्राइवरों और डिलीवरी पार्टनर्स को रोजगार प्रदान किया है।, कंपनी का लक्ष्य 2025 तक अपनी सेवाओं को 500 शहरों तक फैलाना है।
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