Sep 05, 2025
भूमि सदियों से संपन्नता और प्रभुत्व का प्रतीक रही है। कई युद्ध और संघर्ष इसके कारण हुए हैं।
Credit: Representative Image istock
कृषि, आवास, स्कूल, फैक्ट्री और धार्मिक स्थलों जैसे कार्यों के लिए भूमि अत्यावश्यक है।
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भारत का कुल भूमि क्षेत्र करीब 32.9 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो देश की जनसंख्या और विकास के लिए आधार प्रदान करता है।
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भारत में उपलब्ध ज़्यादातर जमीन सरकार के पास है, जिससे वह देश की सबसे बड़ी जमीनधारी बनती है।
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कैथोलिक चर्च ऑफ इंडिया के पास करीब 7 करोड़ हेक्टेयर (करीब 17.29 करोड़ एकड़) जमीन है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। जिसमें वह जमीन भी शामिल है जिस पर चर्च और स्कूल बने हैं।
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सरकारी भूमि सूचना प्रणाली (GLIS) के अनुसार फरवरी 2021 तक, केंद्र सरकार के पास 15,531 वर्ग किलोमीटर भूमि थी, जो 116 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और 51 केंद्रीय मंत्रालयों में बंटी हुई है।
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रेल मंत्रालय के पास सबसे ज्यादा जमीन है, करीब 2926.6 वर्ग किलोमीटर है।
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रक्षा मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के पास भी क्रमशः 2580.92 वर्ग किलोमीटर भूमि है।
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ऊर्जा मंत्रालय (1806.69 वर्ग किमी), भारी उद्योग मंत्रालय (1209.49 वर्ग किमी), और शिपिंग मंत्रालय (1146 वर्ग किमी) भी बड़े भूमि मालिक हैं।
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भारत सरकार के पास इतनी जमीन है कि यह कतर, जमैका, लेबनान, साइप्रस, सिंगापुर जैसे कई देशों के कुल क्षेत्रफल से भी अधिक है।
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