Sep 06, 2025
भारत की पहली कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी को माना जाता है, इसकी स्थापना इंग्लैंड में सन् 1600 में हुई। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय मसालों और वस्त्रों का व्यापार करना था, जो यूरोप में बहुत मूल्यवान थे।
Credit: Representative Image Canva
1613 में मुगल बादशाह जहांगीर की अनुमति से कंपनी ने सूरत में अपना पहला कारखाना स्थापित किया। यह भारत में व्यापार करने वाली पहली संगठित कंपनी थी।
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शुरुआत में कंपनी का उद्देश्य केवल व्यापार था, लेकिन बाद में यह सैन्य और राजनीतिक शक्ति में बदल गई।
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कंपनी ने मसाले, कपड़े, रेशम और अन्य संसाधनों का व्यापार किया। मुख्य व्यापार केंद्र थे सूरत, कलकत्ता, चेन्नई और मुंबई।
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इस कंपनी ने ब्रिटेन को भारी मुनाफा पहुंचाया और अंग्रेजों को भारत में औपनिवेशिक शासन स्थापित करने में मदद की।
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1857 के स्वतंत्रता संग्राम ने कंपनी के राजनीतिक वर्चस्व को कमजोर कर दिया।
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1874 में ब्रिटिश क्राउन ने कंपनी को भंग कर दिया और भारत का शासन सीधे ब्रिटिश सरकार के अधीन चला गया।
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2005 में भारतीय व्यवसायी संजीव मेहता ने कंपनी को खरीदकर पुनर्जीवित किया।
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अब यह एक आधुनिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में काम करती है। चाय, कॉफी, चॉकलेट, बिस्किट और लग्जरी गिफ्ट हैम्पर्स बेचती है।
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2010 में लंदन के मेफेयर में इसका पहला स्टोर खुला, जिससे इसका ग्लोबल ब्रांड बनना शुरू हुआ।
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