May 20, 2025
IMF में दुनिया के 191 देश सदस्य हैं, और ये सभी देश संगठन को फंड देने में योगदान करते हैं।
Credit: istock
IMF अपने सदस्य देशों से उनकी आर्थिक क्षमता, GDP और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के आधार पर फीस लेता है।
Credit: istock
किसी भी देश को IMF का सदस्य बनने के लिए अनिवार्य रूप से सदस्यता शुल्क देना होता है।
Credit: istock
IMF देशों को जो कर्ज देता है, उस पर लगने वाला ब्याज संगठन की आय का मुख्य स्रोत होता है।
Credit: istock
जरूरत पड़ने पर IMF विकसित देशों जैसे अमेरिका, जापान, जर्मनी आदि से ऋण ले सकता है।
Credit: istock
IMF के पास यह विकल्प भी होता है कि वह अपने ही सदस्य देशों से फंड उधार ले सकता है।
Credit: istock
कोई देश जब IMF से कर्ज चाहता है, तो उसे आधिकारिक अनुरोध करना होता है, और उसके बाद आर्थिक समीक्षा होती है।
Credit: istock
फंडिंग से पहले IMF कुछ आर्थिक नीतियों और सुधारों की शर्तें रखता है, जिन पर देश को सहमति देनी होती है।
Credit: istock
सहमति के बाद एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) तैयार होता है, जिसे IMF का कार्यकारी बोर्ड मंजूरी देता है।
Credit: istock
लोन मिलने के बाद IMF निगरानी करता है कि देश वादा की गई नीतियां लागू कर रहा है या नहीं। देश की वित्तीय स्थिति सुधारने पर ही पुनर्भुगतान करना होता है।
Credit: istock
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स