Jul 01, 2025
SBI की नींव 2 जून 1806 को कोलकाता में बैंक ऑफ कलकत्ता के रूप में पड़ी। यह भारत का पहला बैंक माना जाता है।
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इस बैंक को 2 जनवरी 1809 को चार्टर मिला और इसका नाम बैंक ऑफ बंगाल रख दिया गया।
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बैंक ऑफ बॉम्बे की स्थापना 15 अप्रैल 1840, बैंक ऑफ मद्रास की स्थापना 1 जुलाई 1843 और बैंक ऑफ कलकत्ता ये तीनों बैंक ईस्ट इंडिया कंपनी के वित्तीय कामकाज के लिए बनाए गए थे।
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27 जनवरी 1921 को इन तीनों बैंकों का विलय हुआ और नया नाम रखा गया – इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया।
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30 अप्रैल 1955 को इंपीरियल बैंक का नाम बदलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) रखा गया।
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1 जुलाई 1955 को इसका औपचारिक गठन हुआ और इसी दिन पहला SBI खाता खुला।
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SBI एक्ट के तहत पहला सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद 1955 में बना। बाद में 1959 में SUBSIDIARY BANKS ACT पारित किया गया।
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1 अप्रैल 2017 को SBI में SBBJ, SBM, SBT, SBP और SBH का विलय हुआ, जिससे SBI एक वैश्विक बैंक के रूप में उभरा। विलय के बाद SBI की ब्रांच संख्या 22,500 से अधिक हो गई, जो देश में सबसे ज्यादा है।
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आज SBI का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹7.32 लाख करोड़ से अधिक है और यह भारत की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है।
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