Jul 02, 2025

घाना को क्या बेचता और क्या खरीदता है भारत

Ramanuj Singh

​​मजबूत और ऐतिहासिक संबंध​​

भारत और घाना के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत, सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक रहे हैं।

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​​विस्तृत सहयोग के क्षेत्र​​

दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक स्तर पर घनिष्ठ सहयोग है।

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​​राजनयिक रिश्तों की शुरुआत​​

भारत ने 1958 में घाना की राजधानी अक्रा में अपना उच्चायोग स्थापित किया था, जो घाना की स्वतंत्रता (1957) के तुरंत बाद हुआ।

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​​घाना का उच्चायोग नई दिल्ली में​​

नई दिल्ली में भी घाना का उच्चायोग है, जो द्विपक्षीय कूटनीतिक संवाद को मजबूत करता है।

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​​गुटनिरपेक्ष आंदोलन में साझेदारी​​

भारत और घाना दोनों गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापक सदस्य हैं।

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​​द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ोतरी​​

भारत और घाना के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है, जिससे आर्थिक सहयोग मजबूत हुआ है।

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​​भारत का घाना को निर्यात​​

भारत घाना को मुख्य रूप से फार्मास्युटिकल्स, वाहन, चाय, चावल, मशीनरी और लोहा-इस्पात निर्यात करता है।

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​​भारत का घाना से आयात​​

भारत, घाना से सोना, कोको, लकड़ी और बॉक्साइट का आयात करता है।

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​​घाना में भारतीय समुदाय​​

घाना में करीब 15,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें से करीब 3,000 लोगों ने घाना की नागरिकता प्राप्त की है।

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​​70 वर्षों से घाना में भारतीय उपस्थिति​​

भारतीय समुदाय के कुछ परिवार घाना में 70 वर्षों से भी अधिक समय से रह रहे हैं, जिससे सांस्कृतिक संबंध और गहरे हुए हैं।

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