Jul 20, 2025
यूएई (United Arab Emirates) में नागरिकों से कोई इनकम टैक्स नहीं लिया जाता। सरकार का रेवेन्यू मुख्य रूप से वैट (VAT) और शुल्कों के जरिये आता है। तेल और पर्यटन इसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखते हैं।
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बहरीन में भी कोई डायरेक्ट टैक्स नहीं है। सरकार इनडायरेक्ट टैक्स जैसे शुल्कों से कमाई करती है। यही कारण है कि यहां स्टार्टअप और छोटे व्यवसाय तेजी से बढ़ रहे हैं।
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कुवैत में निजी आय पर कोई टैक्स नहीं है। यहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तेल के निर्यात पर निर्भर है, जिससे सरकार को टैक्स की जरूरत नहीं पड़ती।
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सऊदी अरब में डायरेक्ट टैक्स लागू नहीं है। सरकार वैट और अन्य अप्रत्यक्ष करों के जरिये अपनी जरूरतें पूरी करती है।
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बहामास में नागरिकों से इनकम टैक्स नहीं लिया जाता। इसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर है, जिससे पर्याप्त राजस्व मिलता है।
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ब्रुनेई में भी इनकम टैक्स नहीं है। यहां तेल और गैस के भंडार हैं, जिनके निर्यात से देश को मोटी कमाई होती है।
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केमैन आइलैंड्स में इनकम टैक्स नहीं है। यह देश निवेशकों और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र है, जिससे सरकार की आमदनी होती है।
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ओमान में इनकम टैक्स नहीं है। इसकी आय का बड़ा हिस्सा तेल और गैस के भंडारों से आता है।
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कतर में नागरिकों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। इसकी अर्थव्यवस्था तेल और गैस उद्योग पर टिकी हुई है।
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मोनाको एक छोटा यूरोपीय देश है जो अपनी आय का बड़ा हिस्सा टूरिज्म और लग्जरी सेवाओं से कमाता है। यहां के नागरिकों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
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