Jul 24, 2025
रासायनिक उर्वरकों के नुकसान को देखते हुए किसान अब देसी और जैविक खाद का इस्तेमाल कर बेहतर परिणाम पा सकते हैं।
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धान की फसल में सरसों की खली डालने से पौधों की ग्रोथ तेज होती है और पौधे मजबूत बनते हैं।
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सरसों की खली इस्तेमाल करने से फसल में कीटों की संख्या कम हो जाती है, जिससे फसल स्वस्थ रहती है।
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इसमें नाइट्रोजन, बोरॉन, सल्फर, जिंक, फास्फोरस और पोटाश जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं जो पौधों की वृद्धि में मदद करते हैं।
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खेत में पानी भरकर 5 से 7 किलो खली को पीसकर महीन कर पूरे खेत में बिखेरें। इससे धान की ग्रोथ दोगुनी हो जाती है।
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धान की रोपाई से पहले भी खेत में सरसों की खली डालना फायदेमंद होता है।
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सरसों की खली डालने से दानों की चमक बढ़ती है और उनका वजन भी बेहतर होता है।
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इस प्राकृतिक खाद के इस्तेमाल से किसानों को बेहतर और अधिक उत्पादन मिलता है।
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रासायनिक खाद के विपरीत, सरसों की खली मृदा की उर्वरता और स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती।
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सरसों की खली आसानी से उपलब्ध और किफायती है, जो किसानों के लिए प्राकृतिक और टिकाऊ खेती का विकल्प है।
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