Sep 25, 2025
फूलगोभी ठंडी जलवायु की फसल है। 15 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे उपयुक्त होता है।
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दोमट मिट्टी, जिसमें कार्बनिक पदार्थ अधिक हों, और जिसका पीएच 6 से 7.5 के बीच हो, फूलगोभी के लिए आदर्श होती है।
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अच्छी किस्म के बीज चुनें और बोने से पहले फफूंदनाशक से बीजों का उपचार करें ताकि रोगों से सुरक्षा हो।
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बीजों को नर्सरी में बोएं और पौधों को 25 से 30 दिन तक वहां बढ़ने दें, फिर खेत में रोपाई करें।
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खेत की मिट्टी को अच्छी तरह जोतकर भुरभुरी बनाएं। गोबर की खाद या कम्पोस्ट पर्याप्त मात्रा में डालें।
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खेत में उचित नाली-नालियां बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से निकल सके और जड़ें खराब न हों।
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तना छेदक, माहू और झुलसा जैसे कीटों से बचाव के लिए नियमित रूप से दवाओं का छिड़काव करें। जैविक उपायों में नीम के घोल का छिड़काव प्रभावी है।
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फसल रोपाई के 90 से 120 दिन बाद कटाई के लिए तैयार होती है। फूलों का सफेद और कसा होना कटाई का सही संकेत है।
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अगर कटाई देर से की जाए तो फूल पीले पड़ जाते हैं और बाजार में उनकी कीमत गिर जाती है।
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सही जलवायु, अच्छी किस्म, संतुलित खाद और उचित देखभाल से फूलगोभी की अच्छी पैदावार होती है, जो घरेलू जरूरत पूरी करने के साथ-साथ किसानों को अच्छी आमदनी भी देती है। (डिस्क्लेमर: यह जानकारी इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित है, अगर आपको इसकी खेती करनी है को कृषि एक्सपर्ट से संपर्क करें)
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