Dec 06, 2024
बिसलेरी के चेयरमैन रमेश चौहान हैं। जबकि उनकी बेटी जंयती चौहान कंपनी की वाइस चेयरपर्सन हैं
Credit: TNN/Bisleri
2022 में टाटा ग्रुप 7000 करोड़ रु में बिसलेरी को खरीदने को तैयार था, मगर ऐसा नहीं हो सका
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दरअसल रमेश चौहान ने शुरू में बिसलेरी को बेचने पर सहमति जता दी थी, मगर उनकी बेटी ने ऐसा नहीं होने दिया
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जयंती ने डील को आगे न बढ़ाने का फैसला करके बिसलेरी की ओनरशिप अपने परिवार के पास रखी
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1949 में पारले ग्रुप के फाउंडर जयंतीलाल चौहान ने सॉफ्ट ड्रिंक बनाना शुरू किया
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20 साल बाद 1969 में पारले ने बिसलेरी को इटली के एक कारोबारी से खरीदा
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2010 में 24 साल की उम्र में जयंती फैमिली बिजनेस में शामिल हुईं। उनकी लीडरशिप में कंपनी ने कई नए प्रोडक्ट लॉन्च किए
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इनमें बिसलेरी मिनरल वाटर, वेदिका नेचुरल मिनरल वाटर (लग्जरी सेगमेंट के लिए), फिजी फ्रूट ड्रिंक्स और बिसलेरी हैंड प्यूरीफायर शामिल हैं
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