Dec 31, 2024
अगर आपके अंदर जीवन में कुछ करने का जुनून है तो शिक्षा कोई सीमा नहीं होती है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल मुरली दिवी हैं।
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आज मुरली दिवि न सिर्फ हैदराबाद के सबसे अमीर व्यक्ति हैं, बल्कि दुनिया के सबसे अमीर साइंटिस्ट्स में से एक हैं।
12वीं में दो बार फेल होने के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया।
साल 1976 में मुरली सिर्फ 500 रुपये लेकर अमेरिका गए। उस समय उनकी उम्र 25 साल थी। अमेरिका में उन्होंने फार्मासिस्ट के रूप में काम किया।
बताया जाता है कि कुछ सालों तक काम करने के बाद वह करीब 40 हजार अमेरिकी डॉलर के साथ भारत लौट आए।
1984 में मुरली केमिनोर ड्रग्स कंपनी खरीदी। फिर 1990 में उन्होंने डिविज रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की।
1995 में उन्होंने अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग सुविधा शुरू की। फिर 2002 में दूसरी मैन्युफैक्चरिंग यूटिलिटीज शूरू की।
फोर्ब्स के अनुसार, मुरली दिवि की कुल संपत्ति लगभग 53,000 करोड़ रुपये (6.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर) है।
वहीं, उनकी कंपनी दिविज लैब्स का मार्केट कैप लगभग 97,476 करोड़ रुपये बताया जाता है।
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