Jan 03, 2026
चीन सरकार ने नए टैक्स सिस्टम के तहत गर्भनिरोधक उत्पादों पर मिलने वाली पुरानी टैक्स छूट खत्म कर दी है। ये छूट साल 1994 से चली आ रही थीं, जब चीन ने एक-बच्चा नीति लागू की थी। अब हालात बदल चुके हैं और सरकार ज्यादा बच्चे चाहती है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
Credit: canva
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इस समय गंभीर जनसांख्यिकीय संकट से जूझ रहा है। देश की आबादी लगातार तीन साल से घट रही है। सरकार को डर है कि अगर यही हाल रहा तो भविष्य में कामकाजी आबादी कम हो जाएगी और बुजुर्गों का बोझ बढ़ जाएगा।
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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2024 में चीन में सिर्फ 95 लाख बच्चे पैदा हुए। यह संख्या एक दशक पहले पैदा होने वाले बच्चों की तुलना में लगभग आधी है। यही वजह है कि सरकार युवाओं को शादी और परिवार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
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दिलचस्प बात यह है कि जहां कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर टैक्स लगाया गया है, वहीं चाइल्डकेयर सेवाओं को टैक्स से छूट दी गई है। सरकार का साफ संकेत है कि वह जन्म दर बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है।
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इस फैसले के बाद चीन के सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक यूजर ने लिखा, “मैं नए साल से पहले जिंदगी भर का कंडोम खरीद लूंगा।” वहीं किसी ने तंज कसते हुए पूछा, “क्या कोई कंडोम की कीमत और बच्चे पालने के खर्च का फर्क समझा सकता है?
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कंडोम के एक बॉक्स की कीमत शायद पांच युआन, 10 या 20 युआन ज्यादा हो जाएगी. एक साल में बस कुछ सौ युआन का खर्च आएगा फिर भी बच्चे पालने से यह काफी कम है.
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंता है कि गर्भनिरोधक महंगे होने से अनचाही प्रेग्नेंसी और HIV जैसे संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है। उनका कहना है कि जनसंख्या बढ़ाने के लिए सिर्फ टैक्स बढ़ाना सही तरीका नहीं है।
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बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक जैसे ही दुकानदारों ने कीमत बढ़ने की सूचना दी, लोगों ने पहले ही स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया। नए साल से पहले कंडोम की बिक्री में अचानक उछाल देखा गया, क्योंकि लोग बढ़ती कीमत से बचना चाहते थे।
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