Jul 02, 2025
जेपी ग्रुप की शुरुआत सन 1981 में इंजीनियर जयप्रकाश गौड़ ने की थी। इसके लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ी थी
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समय के साथ जेपी ग्रुप ने सीमेंट, पावर, रियल एस्टेट, होटल, एक्सप्रेसवे, अस्पताल और शिक्षण संस्थान समेत कई सेक्टरों में एंट्री की
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1981 में ग्रुप ने पहला होटल खोला, 1986 में सीमेंट सेक्टर में एंट्री की और 1992 में पावर सेक्टर में कदम रखा। फिर 2008 में यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू किया
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21वीं सदी की शुरुआत में रियल एस्टेट सेक्टर में एंट्री की और नोएडा, ग्रेटर नोएडा में बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू किए, लेकिन कई प्रोजेक्ट्स कंप्लीट नहीं हो पाए
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साल 2006-2012 के दौरान ग्रुप ने 60,000 करोड़ रु का निवेश किया, पर बाद में इसे भारी नुकसान हुआ। नतीजे में कर्ज बढ़ा और 2013 में सीमेंट प्लांट बेचने पड़े
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समय बीतता रहा और ग्रुप का घाटा बढ़ा। इसी से कर्ज बढ़ता गया। फिर रियल एस्टेट मार्केट में मंदी घाटे और कर्ज का एक और कारण बनी
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कर्ज चुकाने के लिए इसने गुजरात सीमेंट प्लांट, बोकारो सीमेंट और हाइड्रो पावर प्लांट्स को बेच दिया है
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ईटी के रिपोर्ट के मुताबिक जयप्रकाश एसोसिएट्स पर 54,000 करोड़ रु का कर्ज है
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