Oct 28, 2025
भारत में पहले लोग सोना सिर्फ धार्मिक और पारंपरिक कारणों से खरीदते थे। अब यह निवेश का भी लोकप्रिय साधन बन गया है।
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सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश का प्रतीक रहा है। आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक सोने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं।
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इस साल सोने ने उम्मीद से ज्यादा रिटर्न दिया। इसकी कीमत में तेजी का मुख्य कारण वैश्विक अस्थिरता और निवेशकों की बेचैनी रही।
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अप्रैल में ट्रंप टैरिफ के खतरे के चलते 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
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टैरिफ के डर के कारण अप्रैल में सोने की कीमत ₹1,00,000 पार गई और दिवाली तक यह ₹1,32,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
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दिवाली और शादी के सीजन के दौरान सोने की मांग बढ़ती है। इससे दिवाली के बाद कीमतों में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है।
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छोटे स्तर पर करेक्शन सामान्य है, लेकिन दिवाली के बाद सोने और चांदी में ताबड़तोड़ गिरावट भी देखने को मिली।
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लंबे समय में देखें तो सोने ने सेंसेक्स से बेहतर रिटर्न दिया। पिछले साल के अंत तक सोने का भाव ₹70,000-80,000 प्रति 10 ग्राम था।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाबा वेंगा ने भविष्यवाणी की है कि 2026 में दुनिया में एक बड़ा वित्तीय संकट आ सकता है।
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बाबा वेंगा की भविष्यवाणी के मुताबिक ऐसे संकट के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आती है। इसलिए 2026 में सोने में फिर से तूफानी तेजी देखने को मिल सकती है।
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