Aug 20, 2025
1970-80 के दशक में भारतीय सेना ने यामाहा RD 350 का इस्तेमाल किया। यह दो-स्ट्रोक मोटरसाइकिल अपनी तेज़ रफ्तार और शानदार हैंडलिंग के लिए जानी जाती थी। इसे मुख्य रूप से रिकॉन्नेसेंस (जांच-पड़ताल) और तेज ऑपरेशनल कार्यों में उपयोग किया गया।
Credit: Timesdrive
कठिन इलाकों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के लिए बनाई गई यह बाइक हाई ग्राउंड क्लीयरेंस, लंबे सस्पेंशन ट्रैवल और 411cc इंजन के साथ आती है। सेना इसे सीमा निगरानी, राहत कार्यों और दुर्गम क्षेत्रों में ऑफ-रोड मोबिलिटी के लिए इस्तेमाल करती है।
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350cc वर्जन से ज्यादा ताकतवर, बुलेट 500 भारतीय सेना की पसंदीदा बाइकों में से एक रही। इसका 499cc इंजन पहाड़ी दर्रों और रेगिस्तानी इलाकों में गश्त के लिए उपयुक्त था। हालांकि अब यह मॉडल बंद हो चुका है, लेकिन इसकी मजबूत परफॉर्मेंस और भरोसेमंद सफर आज भी याद किया जाता है।
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जावा मोटरसाइकिलें भारतीय सेना में ऑपरेशनल और सेरेमोनियल (औपचारिक कार्यक्रमों) दोनों भूमिकाओं में उपयोग होती रहीं। इनकी खासियत थी आसान मेंटेनेंस, भरोसेमंद परफॉर्मेंस और परेड के दौरान दमदार उपस्थिति।
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भारतीय सेना और बुलेट 350 का रिश्ता ऐतिहासिक है। अपनी मजबूती, सादगी और टिकाऊपन के कारण यह बाइक दशकों से सेना की पहचान रही है। चाहे सीमाई गश्त हो या रेगिस्तानी इलाके की तैनाती, बुलेट 350 ने हमेशा सैनिकों का साथ निभाया।
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