Rashtragarv | मोदी काल में भारतीय तोपखाने (Artillery) की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है और यह विदेशी निर्भरता से निकलकर 'आत्मनिर्भर' बन चुका है। स्वदेशीकरण, आधुनिकीकरण और आक्रामक तैनाती के दम पर भारतीय सेना का तोपखाना अब दुनिया के सबसे ताकतवर तोपखानों में शुमार हो रहा है।