सीरियल 'पति ब्रह्मचारी' में आखिरकार ईशा और सूरज के बीच बढ़ती नजदीकियों का एक और सीन देखने को मिलेगा। वट सावित्री की पूजा के दौरान आरव सभी घरवालों से माफी मांगेगा और फिर तान्या को गोद में उठाकर पेड़ के फेरे लेगा। पूजा के दौरान ईशा पान के पत्ते पर सूरज का नाम लिखकर उसपर दिया जलाएगी। अचानक से पूजा के बीच तूफान आ जाएगा और जैसे ही ईशा का दिया बुझने वाला होता है वहाँ तुरंत सूरज पहुँच जाएगा। सूरज और ईशा मिलकर दिए को बुझने से बचाएंगे की तभी ये आकाश देख लेगा और उसे जल्द होने लगेगी।