BHU Sanskrit Professor Row: फिरोज खान मामले में एचआरडी मंत्रालय का दखल देने से इंकार

BHU Sanskrit Muslim Professor Row: मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा है कि वह फिरोज खान की नियुक्ति मामले में दखल नहीं देगा। मंत्रालय ने कहा है कि यह नियुक्ति विश्वविद्यालय का आंतरिक मामला है।

Feroz Khan BHU appointment row HRD ministry refuses to interfere in case फिरोज खान मामले में एचआरडी का दखल देने से इंकार, कहा-यह विश्वविद्यालय का मामला है
Feroz Khan : बीएचयू के संस्कृत विभाग में फिरोज खान नियुक्ति पर है विवाद।  |  तस्वीर साभार: फेसबुक

मुख्य बातें

  • बीएचयू के संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर हुई है फिरोज खान की नियुक्ति
  • फिरोज खान के धर्म का मुद्दा बनाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं संस्कृत विभाग के छात्र
  • एचआरडी मंत्रालय ने कहा कि नियुक्ति का मामला विश्वविद्यालय का आंतरिक मसला है

नई दिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर फिरोज खान की हुई नियुक्त पर उठे विवाद में दखल देने से इंकार कर दिया है। एचआरडी मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वह नियुक्ति के इस मामले में दखल नहीं दे सकता क्योंकि यह विश्वविद्यालय का आंतरिक मामला है। बता दें कि संस्कृत विभाग के छात्र मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

फिरोज खान की नियुक्ति मामले में एचआरडी मंत्रालय ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने कहा है कि सहायक प्रोफेसर पद पर फिरोज की नियुक्ति विश्वविद्यालय प्रशासन का आंतरिक मामला है। इसलिए वह इसमें दखल नहीं दे सकता। बीएचयू के संस्कृत विभाग के छात्र पिछले कुछ दिनों से सहायक प्रोफेसर पद पर खान की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। वहीं, विवि प्रशासन के कुछ लोग और छात्र फिरोज के समर्थन में आगे आए हैं। फिरोज का समर्थन करने वाले लोगों का कहना है कि धर्म के नाम पर फिरोज खान का विरोध करना ठीक नहीं है।

एचआरडी मंत्रालय में राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवार को कहा, 'नियुक्ति का यह मामला वाइस चांसलर के अधिकार क्षेत्र में आता है। नियुक्ति के इस मामले में मंत्रालय सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं कर सकता। नियुक्ति पर इस तरह का विरोध-प्रदर्शन करना गलत है। नियुक्ति में यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसे देखा जा सकता है लेकिन इस तरह से विरोध करना गलत है।'

बता दें कि बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान (एसवीडीवी) में फिरोज खान की नियुक्ति गत सात नवंबर को हुई। संस्कृत विभाग के छात्र सहायक प्रोफेसर पद पर फिरोज खान की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का तर्क है जो व्यक्ति उनकी संस्कृति एवं भावनाओं को नहीं समझेगा वह संस्कृत भाषा कैसे पढ़ाएगा। वहीं, फिरोज खान के समर्थन में लोग खड़े हो रहे हैं। बुधवार को अभिनेता एवं भाजपा सांसद परेश रावल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के इस तर्क को यदि मान लिया जिया तो मोहम्मद रफी को भजन नहीं गाना चाहिए था। अभिनेता ने इस तरह की 'बेतुकी बातें' बंद करने की अपील की।

 

 

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