BHU संस्कृत प्रोफेसर विवाद: फिरोज खान ने कहा-जितना संस्कृत जानता हूं, उतना कुरान भी नहीं जानता

BHU Assistant Professor Firoze Khan: बीएचयू में संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर फिरोज खान की नियुक्ति पर विवाद हो गया है। छात्र उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। वीसी प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले हैं।

BHU Muslim Professor dispute, Professor Says he knows sanskrit better than Quran बीएचयू संस्कृत प्रोफेसर विवाद : फिरोज खान ने कहा-जितना संस्कृत जानता हूं, उतना कुरान भी नहीं जानता
BHU Professor row : संस्कृत विभाग में हुई है फिरोज खान की नियुक्ति।  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • बीएचयू के संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर हुई है फिरोज खान की नियुक्ति
  • इस नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं संकाय के छात्र, प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले वीसी
  • फिरोज खान का कहना है कि उन्होंने कक्षा दो से संस्कृत की पढ़ाई की है

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर फिरोज खान की नियुक्ति पर उठे विवाद में अब बीएचयू प्रशासन ने दखल दिया है। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने मंगलवार को प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले और उन्हें भरोसा दिलाया कि यह नियुक्ति यूजीसी के नियमों एवं बीएचयू एक्ट के अनुरूप हुई है। वीसी ने छात्रों से अपना प्रदर्शन खत्म करने की अपील भी की। वहीं, छात्र सहायक प्रोफेसर को हटाने की अपनी मांग पर अड़े हैं। 

बता दें कि फिरोज खान की नियुक्ति गत सात नवंबर को बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान (एसवीडीवी) में सहायक प्रोफेसर पद पर हुई। संकाय के छात्र इस नियुक्ति के खिलाफ हैं। इस विवाद पर खान ने एक समाचार पत्र से कहा, 'मैंने अपने पूरे जीवन भर संस्कृत की पढ़ाई की और मैंने खुद को यह कभी महसूस नहीं होने दिया कि मैं एक मुसलमान हूं लेकिन अब मैं जब पढ़ाने की कोशिश कर रहा हूं तो अचानक मेरे धर्म को मुद्दा बना दिया गया है।'

फिरोज ने शास्त्री, शिक्षा शास्त्री (बी.एड), आचार्य की डिग्री ली है। उन्होंने जयपुर स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से साल 2018 में अपनी पीएचडी पूरी की। खान ने नेट और जेआरएफ की परीक्षा भी पास की है। उन्होंने आगे कहा, 'मैंने कक्षा दो से संस्कृत पढ़ना शुरू किया। मेरे मोहल्ले बागड़ू में करीब 30 प्रतिशत आबादी मुस्लिमों की है लेकिन वहां न तो स्थानीय मौलवी ने और न ही मेरे समाज के किसी व्यक्ति ने मेरे संस्कृत पढ़ने पर कोई आपत्ति जताई। वास्तव में, मैं जितना संस्कृत साहित्य जानता हूं उतना कुरान भी नहीं जानता।'



खान ने कहा, 'इलाके के प्रभावशाली हिंदुओं ने मुस्लिम होने के बावजूद उन्होंने मेरे संस्कृत साहित्य के प्रति ज्ञान की प्रशंसा की।' विरोध प्रदर्शन करने वाले एक छात्र ने कहा, 'यदि कोई व्यक्ति हमारी संस्कृति एवं भावनाओं से नहीं जुड़ा होगा तो वह हमारे धर्म और हमें कैसे समझ पाएगा।' प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि खान की नियुक्ति जब तक रद नहीं हो जाती तब तक वे अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे।

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