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बैंक लॉकर की चाबी खो जाए तो घबराएं नहीं, कीमती सामान को लेकर नहीं आएगी परेशानी

Lost Bank Locker Key: जरूरी डॉक्यूमेंट्स, गहने और कीमती सामान सुरक्षित रखने का एक भरोसेमंद तरीका बैंक लॉकर का इस्तेमाल करना है। लेकिन अगर लॉकर की चाबी खो जाए तो यह स्थिति काफी परेशानी भरी हो सकती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि ऐसी स्थिति में बैंक ग्राहक की ओर से क्या कदम उठाए जाने चाहिए। सही जानकारी होने पर आप इस परेशानी का सामना आसानी से कर सकते हैं और अपने सामान की सुरक्षा सुनिश्चित रख सकते हैं।

Lost Bank Locker Key

बैंक लॉकर की चाबी खो जाए तो क्या करें (Photo : iStock)

Lost Bank Locker Key: अक्सर लोग बैंक लॉकर का इस्तेमाल अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स, गहने, अनमोल यादें और कीमती सामान को सहेज कर रखने के लिए करते हैं। ऐसे में क्या हो जब बैंक लॉकर की चाबी ही खो जाए। यह सोच कर ही माथे पर शिकन आना लाजमी है। ऐसी स्थिति में बैंक ग्राहक को क्या करना चाहिए, इसी की जानकारी आर्टिकल में दे रहे हैं-

बैंक को तुरंत दें जानकारी

अगर आपके साथ ऐसा होता है सबसे पहले आपको बैंक लॉकर की चाबी खोने खोने का पता लगते ही इसकी जानकारी तुरंत लिखित रूप में अपने बैंक को दें। ऐसा करना लॉकर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। अगर बैंक को इसकी लिखित सूचना पहले ही दे देते हैं तो आपके लॉकर के गलत इस्तेमाल की कोशिश को समय रहते रोका जा सकेगा। बैंक की नीतियों के आधार पर, ग्राहक से सुरक्षा संबंधी चिंताओं के मामले में पुलिस शिकायत दर्ज करवाने के लिए भी कहा जा सकता है।

बैंक लॉकर खोलना हो जाएगा मुश्किल

आपको यह भी समझने की जरूरत है कि बैंक में लॉकर के लिए ड्यूल-कंट्रोल सिस्टम को अपनाया जाता है। इस सिस्टम के तहत लॉकर खोलने के लिए ग्राहक के पास मौजूद चाबी और बैंक की मास्टर व्यवस्था, दोनों की जरूरत होती है। क्योंकि बैंक ग्राहक की इस चाबी की कोई दूसरी प्रति अपने पास नहीं रखते इसलिए चाबी खोने की स्थिति में सामान्य तरीके से लॉकर खोलना संभव नहीं रह जाता।

कैसे खुलता है लॉकर

चाबी खो जाने की स्थिति में बैंक ब्रेक-ओपन प्रक्रिया शुरू करता है, जिसमें लॉक को तोड़कर नया ताला और चाबी लगाई जाती है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, बैंक की ओर से ग्राहक, बैंक अधिकारी और स्वतंत्र गवाहों के सामने ताला तोड़ा जाता है ताकि किसी भी विवाद से बचा जा सके। कई बार लॉकर में रखी वस्तुओं की लिस्ट (इन्वेंटरी) भी तैयार की जाती है ताकि आगे किसी तरह के कोई विवाद की स्थिति न आए।

ग्राहक को देना होगा खर्च

केंद्रीय बैंक आरबीआई के नियमों के अनुसार अगर चाबी ग्राहक की लापरवाही के कारण खोई है तो ब्रेक-ओपन चार्ज, ताला बदलने का खर्च और नई चाबी जारी करने का खर्च पूरी तरह से ग्राहक को देना होता है। बैंक इस खर्च को ग्राहक से वसूलता है क्योंकि खो जाने की घटना ग्राहक के हिस्से की गलती मानी जाती है।

बैंक की भी बनती है जिम्मेदारी

हालांकि बैंक का यह भी दायित्व है कि वह पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से पूरा करे। अगर ब्रेक-ओपन प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही, नुकसान या गलत व्यवहार होता है तो आरबीआई के निर्देशों के तहत बैंक को मुआवजा देने की जिम्मेदारी हो सकती है।

शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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